Saturday, April 11, 2009

बारह राजकुमारियाँ- भाग १


बहुत समय पहले की बात है। किसी राज्य में एक राजा शासन करता था। उसकी बारह बेटियाँ थीं। सभी बेहद सुंदर थीं। मगर राजा के लिये एक बड़ी समस्या थी। बारहों राजकुमारियों को रोज़ नयी जूतियाँ चाहिये होती थीं क्योंकि रोज़ ही उनकी जूतियाँ पूरी तरह से फटी होती थीं, कुछ इस तरह से कि लगता था कि कोई सारे दिन या रात भर जूतियाँ पहन कर नाचा हो। राजा के लाख पूछने पर भी राजकुमारियाँ इस का कारण नहीं बताती थीं कि उन्हें रोज़ जूते बदलने की क्या आवश्यकता होती है और उनकी जूतियाँ रोज़ फट कैसे जाती हैं।


एक दिन राजा ने तंग आ कर सारे देश में ऐलान कर दिया कि जो कोई भी इस राज़ से पर्दा उठा सकेगा, उस व्यक्ति को पुरस्कार स्वरूप न सिर्फ़ उसके पसंदीदा राजकुमारी से शादी करने का मौक़ा दिया जायेगा बल्कि उस देश का उत्तराधिकारी भी बना दिया जायेगा। इस काम के लिये उस व्यक्ति विशेष को तीन दिन का समय दिया जायेगा और अगर वो इस राज़ से पर्दा उठाने में असमर्थ रहा तो उसका सर धड़ से अलग कर दिया जायेगा।

कई अन्य राज्यों से अनेक राजकुमार अपना अपना भाग्य आज़माने आये। मगर तीन दिन तक उन राजकुमारियों के साथ साथ रहने पर भी वो इस बात का पता नहीं कर सके कि उन राजकुमारियों को अपनी जूतियाँ बदलने की ज़रूरत क्यों होती है। इस तरह अनेक राज्कुमारों और अनेक लोगों ने अपनी जान गँवाई, मगर राजकुमारियों उस राज़ पर पर्दा पड़ा रहा।

उसी समय की बात है जब एक अधेड़ उम्र का सैनिक, जो कि किसी जंग में काफ़ी ज़ख़्मी हो चुका था, उसी राज्य से गुज़र रहा था। उसे जब राजा के इस अजीबोग़रीब घोषणा और पुरस्कार का पता चला तो वो भी अपना भाग्य आज़माने को मचल पड़ा। उसी राज्य में उसकी मुलाक़ात एक बुढ़िया से हुई जिसकी उसने मदद की। बुढिया ने उससे ख़ुश हो कर कहा कि अगर तुम सचमुच उन राज्कुमारियों के राज़ का पर्दाफ़ाश करना चाहते हो तो दो बातों का ध्यान रखना। पहला ये कि कभी भी उन राजकुमारियों द्वारा दिया हुआ कोई भी पेयपदार्थ मत पीना और ये कोट रख लो। इस कोट को तुम जब भी पहनोगे तो तुम ग़ायब हो जाओगे। तुम्हें तो कोई देख नहीं पायेगा मगर तुम सभी को देख सकोगे।
तब वह सैनिक उस बुढ़िया को धन्यवाद कह और वह कोट ले कर राजा के महल में अपना भाग्य आज़माने पहुँच गया।

क्रमश:
ऊपर दिया चित्र सौजन्य:




6 comments:

mehek said...

bahut khub intazaar hai aage.....

लवली कुमारी / Lovely kumari said...

रोचक ..अगली कड़ी का इन्तिज़ार है

Shikha Deepak said...

बढ़िया........फ़िर क्या हुआ.......जल्दी लिखियेगे।

समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...

अच्छी कहानी आगे का इंतजार रहेगा. धन्यवाद.

परमजीत बाली said...

बढिया कहानी है।..

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया ... अगली कडी का इंतजार है।